अवैध खनन कराने के लिए पुलिस कर रही अवैध वसूली, खनन माफिया से सांठ-गांठ करते पुलिस का वीडियो आया सामने

Police is extorting money to facilitate illegal mining, video of police in connivance with mining mafia comes to light

सहारनपुर : एक ओर जहां जिलाधिकारी मनीष बंसल अवैध खनन परिवहन पर रोक लगाने के दावे कर रहे हैं वहीं रिश्वतखोर पुलिस अधिकारी न सिर्फ जिलाधिकारी के दावों को ठेंगा दिखा रहे हैं बल्कि खनन माफिया के साथ सांठ-गांठ कर अवैध खनन कराने में खुलेआम मदद कर रहे हैं। इसके लिए पुलिस कर्मी बाकायदा सुविधा शुल्क वसूल रहे हैं। जिसका वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस महकमे के आला अधिकारीयों ने वीडियो का संज्ञान लेकर जांच बैठा दी है। वीडियो 5 मिनट 41 सेकंड का है। इसमें सफ़ेद शर्ट पहने एक आदमी कुर्सी पर बैठा है। आस-पास कई लोग खड़े हैं। यह व्यक्ति रजिस्टर में कुछ लिख रहा है। इसी बीच वहाँ मौजूद एक व्यक्ति पूछता है कि कितनी गाड़ियाँ हैं? जवाब मिलता है – 9 गाड़ियाँ।

Saharanpur Illegal Mining

आपको बता दें सहारनपुर के डीएम मनीष बंसल ने अगस्त में ही अवैध खनन पर पूर्णत: प्रतिबंद लगाने के निर्देश दिए थे। डीएम ने खनन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें बनाने और निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए थे। यानि जिले में कहीं भी अवैध खनन और अवैध खनन परिवहन पर अंकुश लगाने को कहा गया था। लेकिन थाना चिलकाना इलाके में पुलिस की सह पर न सिर्फ अवैध खनन को अंजाम दिया जा रहा है बल्कि खनन माफिया अवैध खनन का परिवहन भी धड्ड्ले से कर रहे हैं। जहां पठेड़ पुलिस चौंकी इंचार्ज खनन माफियाओं के साथ खुलेआम सुविधा शुल्क की मांग रहा है। यानी अवैध खनन से भरी गाड़ियों को पास कराने के लिए प्रति गाड़ी मोल भाव कर रहा है। वहीं खनन माफिया या फिर उसका गुर्गा गाड़ियों के नंबर लिखवा रहा है। पुलिस और खनन माफियाओं की यह सांठ-गांठ तीसरी आँख में कैद हो रही है।

जिसका वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो 5 मिनट 41 सेकंड का है। जिसमें सफ़ेद शर्ट पहने एक आदमी कुर्सी पर बैठा है जिसके आस-पास कई लोग खड़े हैं। कुर्सी पर व्यक्ति रजिस्टर में एंट्री कर रहा है। इसी बीच वहाँ मौजूद एक व्यक्ति पूछता है कि कितनी गाड़ियाँ हैं? जिसका जवाब मिलता है हमारी 9 गाड़ियाँ हैं। इसके बाद एक आदमी पुलिस कर्मी के पास जाकर ट्रकों के नंबर बताने लगता है। जिसमें वह 7549, 1303, 6833, 0389, 7324, 98097, 8549, 1848 बताया है। फिर पुलिस कर्मी ने कहा कि दिन में पूरी लिस्ट बना कर लाओ।

गाड़ियों के नंबर लिखते हुए पुलिसवाला कहता है बताओ ये रोज़ कितने बजे जाएंगी। आदमी को दिन में पूरी लिस्ट बनाकर रखनी चाहिए। इसके बाद पीछे से एक व्यक्ति कहता है कि जब भी ट्रक आएँगे, नंबर लिख दिए जाएँगे। इसके बाद एक व्यक्ति पुलिसकर्मी से कहता है – 9 गाड़ियाँ हैं, चौकी इंचार्ज कोई दिक्कत नहीं होगी, फिर वह कहता है – मेरे पास पैसे कम हैं, मैं तो सिर्फ़ एंट्री के पैसे दे रहा हूँ। इसके बाद वह 20 नोट गिनकर देता है और कहता है ये 20 हैं, कितने के होंगे? तभी पीछे से आवाज़ आती है ये 24,500 रुपये बनते हैं। इसके बाद इंस्पेक्टर सारे पैसे हाथ में लेकर गिनने लगता है। पैसे गिनने के बाद माफिया वाला आदमी कहता है चलो। तभी पीछे से कोई कहता है हाँ चलो, दे दो, उसका नाम लिख दो सहदेव। आख़िरकार 2500 रुपये प्रति ट्रक एंट्री पर बात तय हुई।

इस पुरे मामले पर एसपी सिटी व्योम बिंदल का कहना है कि वीडियो सामने आया है। वीडियो की जाँच की जा रही है। जो भी पुलिसकर्मी या अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी। राजस्व के नुकसान की भरपाई के लिए भी कार्रवाई की जाएगी।

 

 

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